इतिहास
- भारतीय खान ब्यूरो की स्थापना 1 मार्च 1948 को हुई थी ।
- प्रारंभ में भारतीय खान ब्यूरो शुद्ध रूप से एक परामर्शी निकाय के रूप में कार्य करता था ।
- यह विभिन्न नियमों जैसे खान एवं खनिज (विनियमन एवं विकास)अधिनियम, 1948, खनिज रियायत नियमावली, 1949 और पेट्रोलियम रियायत नियमावली, 1949 को बनाने में सरकार की सहायता करता था ।
- 1950 में भारतीय खान ब्यूरो को कार्य किए गए तथा इसके अनुसार खानों का निरीक्षण् एवं खनिज संभावनाएं इसके नियमित क्रियाकलाप में शामिल हो गए ।
- 1953 तक भारतीय खान ब्यूरो को खनिज निक्षेपों के विस्तृत गवेषण का अतिरिक्त कार्य सौंप दिया गया । लोह अयस्क, चूनापत्थर, डोलोमाइट, कोयला, ताम्र, टंगस्टन भारतीय खान ब्यूरो द्वारा गवेषित खनिज थे ।
- बाद में खनिज संरक्षण्स एवं विकास नियमावली, 1955 एवं खनन पट्टे (निबंधों का आशोधन) 1976 बनाए गए ।
- 1955 में दिल्ली में एक अयस्क प्रसाधन प्रयोगशाला की स्थापना की गई ।
- समय के अंतराल में भारतीय खान ब्यूरो के क्रियाकलाप तकनीकी परामर्श एवं खनिज मानचित्रों की तैयारी की सीमा तक बढ़े जो आगे चलकर खनिज संसाधनों की संपूर्ण सूची तक पहुंची । खनन अभियंताओं, भूविज्ञानियों और अयस्क प्रसाधन अभियंताओं, के साथ यह खनन उद्योग की विस्तृत और विभिन्न जरूरतों को पूरा करता था ।
- खनन एवं खनिज उद्योगों से संबंधित विभिन्न प्रकाशन निकाले गए ।
- प्रमुख खनन केन्द्रों के नजदीक देश के विभिन्न भागों में कार्यालयों की स्थापना की गई ।
- पिछले दशक में सरकार की नीति में बदलाव के साथ भारतीय खान ब्यूरो द्वारा दो बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य अपने हाथ में लिया गया । प्रथम कार्य था देश में सभी खानों के लिए खनन योजनाओं एवं खनन स्कीमों का प्रक्रमण एवं अनुमोदन तथा दूसरा कार्य था पर्यावरण की सुरक्षा के लिए नियमों का कार्यान्वयन । भारतीय खान ब्यूरो ने इस चुनौती को स्वीकार किया तथा ‘खान पर्यावरण तथा संरक्षण सप्ताह’ के माध्यम से खानों की पर्यावरण की सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढा़ने में सफल रहा है ।
- भारतीय खान ब्यूरो ने खनन योजनाओं की तैयारी और अन्य दूसरे क्षेत्रों में भी उद्योग कार्मिकों को प्रशिक्षण देने का कार्य प्रारंभ किया है ।
- आधुनिक खनिज प्रक्रमण प्रयोगशाला, विश्लेष्णात्मक प्रयोगशाला और प्रायोगिक संयंत्रों की स्थापना, नागपुर, अजमेर और बंगलोर में की गई है ।
- भारतीय खान ब्यूरो ने सूचना प्रौद्योगिकी की संभावनाओं को समझने में देरी नहीं की तथा मुख्यालय और अपने चार आंचलिक एवं 13 क्षेत्रीय कार्यालयों में ‘खनिजसंसाधन आसूचना प्रणाली’ और ‘तकनीकीप्रबंधन सूचना प्रणाली’ की स्थापना में फ्रांस के बीआरजीएम के साथ करार किया ।
- संक्षेप में, भारतीय खान ब्यूरो खनन उद्योग के सभी वर्गों के बीच सुव्यवस्थित खनन की आवश्यकता और लाभ, खनिजों के संरक्षण तथा पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढाने में सक्ष्म रहा है । इसके अयस्क प्रसाधन जांच के परिणामों ने नए वाणिज्यिक सज्जीकरण संयंत्रों के आधार का निर्माण किया है तथा इस प्रकार खनिज संसाधन आधार को विस्तार दिया है । तकनीकी परामर्श् की इच्छा रखने वाले भारतीय खान ब्यूरो के ग्राहक वृन्द छोटे और बड़े खानों तथा अनेक सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों से आते हैं । भारतीय खान ब्यूरो अपने प्रकाशनों के माध्यस से उद्योग को उपयोगी सूचना प्रदान करने में सक्षम हुआ है तथा इसे देश के खान एवं खनिज डाटा बैंक के रूप में मान्यता मिली है ।
